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West Bengal News: हसीरानी रथ के चुनावी हलफनामे पर सवाल, नामांकन रद्द करने की मांग

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | नंदीग्राम उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार हसीरानी रथ के चुनावी हलफनामे में कथित विसंगतियों को लेकर विवाद, नामांकन रद्द करने की मांग।

कोलकाता, 22 सितंबर 2026 | Alam Ki Khabar: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले बीजेपी उम्मीदवार हसीरानी रथ के चुनावी हलफनामे को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट ने हलफनामे में कथित विसंगतियों का आरोप लगाते हुए हसीरानी रथ का नामांकन रद्द करने की मांग की है।

ममता बनर्जी गुट की आईटी और सोशल मीडिया विंग की ओर से मंगलवार को सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाया गया। गुट ने दावा किया कि हसीरानी रथ के हलफनामे में उनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक बताई गई है और इसमें वर्ष 1965 में कक्षा 10 की परीक्षा पास करने की जानकारी दी गई है।

इसी जानकारी को लेकर तृणमूल कांग्रेस गुट ने एक और सवाल उठाया है। उसका दावा है कि हलफनामे में जिस स्कूल का उल्लेख किया गया है, उसे कक्षा 10 की पढ़ाई के लिए मंजूरी वर्ष 1973 में मिली थी। इसी आधार पर गुट ने हलफनामे में दी गई शैक्षणिक जानकारी को लेकर सवाल खड़े किए और नामांकन रद्द करने की मांग की।

बीजेपी ने कहा- आपत्ति है तो चुनाव आयोग में शिकायत करें

मामले पर बीजेपी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। बीजेपी नेता शिशिर बाजोरिया ने कहा कि अगर हलफनामे में कोई विसंगति है तो इसकी शिकायत चुनाव आयोग के समक्ष की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने के बाद चुनाव आयोग इस मामले पर फैसला करेगा।

वहीं, एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें इस तरह की किसी विसंगति की जानकारी नहीं है। अधिकारी के मुताबिक, अभी तक इस संबंध में कोई शिकायत भी प्राप्त नहीं हुई है।

इस तरह फिलहाल हसीरानी रथ के हलफनामे को लेकर आरोप और उस पर बीजेपी की प्रतिक्रिया सामने आई है। इस मामले में चुनाव आयोग या संबंधित निर्वाचन अधिकारी की ओर से किसी औपचारिक निर्णय की जानकारी सामने आना बाकी है।

नामांकन वापसी के बाद बदला नंदीग्राम का चुनावी समीकरण

नंदीग्राम उपचुनाव में इससे पहले भी राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदले हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने शुभेंदु अधिकारी के साथ बैठक के बाद अपना नामांकन वापस ले लिया था।

इसके बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का फैसला किया। हालांकि, इसके कुछ घंटे बाद ही मिलन प्रधान को वर्ष 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े करीब दो दशक पुराने हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।

इस गिरफ्तारी के बाद नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गईं।

हसीरानी रथ का शुभेंदु अधिकारी से क्या संबंध है?

बीजेपी उम्मीदवार हसीरानी रथ, चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक थे। उनकी हत्या उस समय हुई थी, जब बीजेपी पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव जीतकर पहली बार सरकार बनाने की तैयारी कर रही थी।

हसीरानी रथ को नंदीग्राम उपचुनाव में बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बनाया है। अब उनके चुनावी हलफनामे को लेकर उठे सवाल चुनावी प्रक्रिया में नया मुद्दा बन गए हैं।

6 अक्टूबर को मतदान, 9 अक्टूबर को परिणाम

नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव शुभेंदु अधिकारी द्वारा अपनी दो विधानसभा सीटों में से एक सीट छोड़ने के बाद हो रहा है। नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा।

दोनों सीटों की मतगणना 9 अक्टूबर को होगी और इसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।

दोनों TMC गुटों को अलग नाम और चुनाव चिह्न

उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को “ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस” नाम और फुटबॉल खिलाड़ी चुनाव चिह्न दिया है।

वहीं, प्रतिद्वंद्वी गुट को “डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस” नाम और लिफाफा चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है।

नंदीग्राम में चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ उम्मीदवारों और उनके हलफनामों को लेकर सामने आ रहे दावों पर भी नजर बनी हुई है। हसीरानी रथ के मामले में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कथित विसंगतियों को लेकर कोई औपचारिक शिकायत दर्ज होती है या नहीं और संबंधित निर्वाचन प्राधिकारी इस पर क्या निर्णय लेता है।

संपादकीय: चुनावी हलफनामे की जानकारी की जांच जरूरी

चुनावी हलफनामा उम्मीदवार की ओर से दी गई महत्वपूर्ण जानकारी का दस्तावेज होता है। ऐसे में उसमें दर्ज किसी भी जानकारी को लेकर आपत्ति सामने आती है तो उसका समाधान आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि आधिकारिक दस्तावेजों और निर्धारित चुनावी प्रक्रिया के आधार पर होना चाहिए।

नंदीग्राम में हसीरानी रथ के हलफनामे को लेकर उठे सवालों पर भी अंतिम स्थिति संबंधित निर्वाचन प्राधिकारी की जांच और निर्णय से ही स्पष्ट होगी। फिलहाल एक पक्ष ने विसंगतियों का आरोप लगाया है, जबकि बीजेपी ने शिकायत चुनाव आयोग के सामने रखने की बात कही है।

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